November 27, 2021

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तालिबान ने अफगानिस्तान के काबुल शहर में निकाला सैन्य परेड,जिसमें अमेरिकी लड़ाकू वाहन और उपकरण दिखाएं, साथ ही रूसी हेलीकॉप्टर भी उड़ाया।

अफगानिस्तान में तालिबान लड़ाकों ने रविवार को परेड निकाला। यह परेड अफगानिस्तान के काबुल शहर में किया गया, जिसमें तालिबानी लड़ाकों ने अमेरिका के बख्तरबंद लड़ाकू वाहन और रूसी हेलीकॉप्टर भी उड़ाए।

Taliban pared

दरअसल, इस रोड शो के जरिए तालिबान, अफगानिस्तान और पूरी दुनिया में खुद को एक सेना के तौर पर प्रस्तुत करना चाहता है। करीबन दो दशकों से तालिबान अफगानिस्तान में एक विद्रोही दल और आतंकवादी के नाम पर पूरी दुनिया में जाना जाता रहा है। लेकिन इसी साल अगस्त के महीने में जब अमेरिकी सेना अपना बोरिया बिस्तर समेट कर वापस अमेरिका लौट गया। तब तालिबान ने अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया और अमेरिका द्वारा छोड़े गए हथियारों का जमकर भरपूर उपयोग किया और अब उसे अपने कब्जे में लेकर खुद को एक सेना के तौर पर दिखाना चाह रहा है।

परेड के जरिए दुनिया के सामने खुद को सैन्य बल बताने का नया तालिबानी तरीका

वहीं परेड को लेकर तालिबान के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता इनायतुल्लाह ख्वाज़मी ने कहा कि यह परेड 250 नए प्रशिक्षित सैनिकों के स्नातक स्तर तक की पढ़ाई पूरी करने से जुड़ी थी। इस अभ्यास में दर्जनों अमेरिकी निर्मित M117 बख्तरबंद सुरक्षा वाहनों को धीमी गति से काबुल की मुख्य सड़को पर घुमाया गया। इस दौरान MI-17 हेलिकॉप्टर आसमान में उड़ान भरे गए। बहुत से सैनिकों के पास अमेरिका की बनाई एम-4 असॉल्ट राइफल भी देखने को मिली। इस परेड के जरिए ऐसा माना जा रहा है कि तालिबानियों का एक ही मकसद है कि पूरी दुनिया अब मान लें कि तालेबान अफ़ग़ानिस्तान में एक शासन और सेना के तौर पर काम कर रहा है।

Talibaan

इस परेड में दिखाए गए बख्तरबंद हथियार और वाहन द्वारा तथा लड़ाई में इस्तेमाल होने वाले अन्य उपकरण वॉशिंगटन की तरफ से अमेरिका को समर्थन देने वाले काबुल की सरकार को दिए गए थे ताकि अफगानिस्तानी सेना को तालिबान के खिलाफ जंग के लिए तैयार किया जा सके। हालांकि, ये सेना अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी के देश छोड़ने के बाद ही पस्त हो गई और तालिबान ने एक बार फिर से सत्ता पर राज पा लिया। लेकिन इस बार अमेरिका ने तालिबानी आतंकवादियों पर किसी भी तरह से एक्शन नहीं लिया। इसे लेकर पूरी दुनिया में अमेरिका पर अपने स्वार्थ सिद्ध होने के आरोप लगाए गए।

तालिबानी अधिकारियों का बयान

तालिबान अधिकारियों अपनी सरकार और सेना को लेकर यह स्पष्ट किया है कि पूर्व अफगान सेना के पायलटों, यांत्रिकी और अन्य विशेषज्ञों को नई सेना में शामिल किया जाएगा। इस सेना के जवानों ने अब पारंपरिक अफगान कपड़ों की जगह पारंपरिक सैन्य वर्दी भी पहनना शुरू कर दिया है। इन सब के पीछे तालिबान का अफगानिस्तान में एक सरकार के तौर पर स्थाई होना ही मकसद है।

Taliban

आखिर क्या-क्या छोड़ गया अमेरिका अफगानिस्तान में

पिछले साल ही आई स्पेशल इंस्पेक्टर जनरल फॉर अफगानिस्तान रिकन्सट्रक्शन (Sigar) की रिपोर्ट से यह जानकारी मिली थी कि साल 2002 से 2017 के बीच यानी करीबन 15 सालों में अमेरिकी सरकार ने अफगान सरकार को करीब 28 अरब डॉलर से ज्यादा के हथियार, गोला-बारूद, वाहन, नाइट विज़न डिवाइसेज, एयरक्राफ्ट और सर्विलांस सिस्टम जैसे रक्षा उपकरण खुद को ताकतवर और मजबूत बनाने के लिए दिया गया था। अमेरिका के अफगानिस्तान छोड़ने के बाद कई विमान वहीं छूटे, लेकिन अगर डाटा की बात करें तो अभी तक यह खुलासा नहीं हुआ है कि आखिर कितने विमान और उपकरण काम कर रहे हैं जो अफगानिस्तान में अमेरिका द्वारा छोड़े गए।

आपको बता दें कि जब अमेरिका अफगानिस्तान छोड़ रहा था तब अमेरिकी सैनिकों ने करीब 70 विमान, दर्जनों बख्तरबंद वाहनों को नष्ट किया था और एयर डिफेंस सिस्टम को भी डिसेबल कर दिया था।  ताकि इन का गलत इस्तेमाल ना किया जा सके।

 

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