June 18, 2021

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कोविशील्ड की दो डोज़ के बीच हो 12 से 16 हफ्तों का अंतर, NTAGI ने की सिफारिश।

कोरोना वैक्सीन की कमी के बीच बनाई गई राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह (NTAGI) ने सरकार से सिफारिश की है कि वैक्सीन की दो डोज़ के बीच 12 से 16 हफ्ते का अंदर रहना चाहिए और कोरोना से संक्रमित हुए मरीज़ों को 6 महीने बाद वैक्सीन लगाई जाए।

इसपर कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सवाल उठाया है. उन्होंने एक ट्वीट कर कहा, ‘पहले ऐसा था कि दूसरी डोज़ चार हफ्तों में लेनी है. फिर इसे पहले 6-8 हफ्ते किया गया और अब 12-16 हफ्ते कर दिया गया है. क्या ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि वैक्सीन का पर्याप्त स्टॉक नहीं है या फिर इसलिए क्योंकि प्रोफेशनल साइंटिफिक सलाह ऐसा कहती है?’ उन्होंने जवाब मांगते हुए कहा कि ‘क्या हम मोदी सरकार से किसी तरह की पारदर्शिता की उम्मीद कर सकते हैं?’

बता दें भारत में कोरोनावायरस के खिलाफ चल रहे वैक्सीनेशन के तहत दो वैक्सीन का इस्तेमाल हो रहा है- सीरम इंस्टीट्यूट की कोविशील्ड और भारत बायोटेक की कोवैक्सीन। इन दोनों ही वैक्सीन की दो-दो डोज़ दी जा रही हैं। कई राज्यों में वैक्सीन की कमी आ रही है और कहीं कहीं तीसरा चरण शुरू हो जाने के बाद भी कई राज्यों में 18 से 44 साल के लोगों में वैक्सीनेशन शुरू नहीं हो पाया है।

अब बच्चों पर होगा वैक्सीन का ट्रायल, DCGI ने दी मंजूरी।

एक तरफ जहां कोरोना के दूसरी लहर चल रही है तो वहीं दूसरी तरफ कोरोना के खिलाफ लड़ाई में एक बड़ा कदम उठाया गया है। कोरोना वैक्सीन को लेकर सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी (SEC) की सिफारिश के बाद ड्रग्स कंट्रोलर ऑफ इंडिया (DCGI) ने 2 से 18 साल के बच्चों पर कोवैक्सीन के ट्रायल की मंजूरी दे दी है यह ट्रायल भारत बायोटेक द्वारा किया जाएगा।

ऑफिसियल जानकारी के मुताबिक, भारत बायोटेक COVAXIN का ट्रायल 525 वालंटियर्स पर किया जाएगा और यह ट्रायल दूसरे और तीसरे चरण में होगा। बता दें कि ट्रायल के दौरान पहली और दूसरी डोज़ 28 दिनों के अंतराल पर दी जाएगी

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