July 24, 2021

MotherlandPost

Truth Always Wins!

ट्विटर की मुश्किलें बढ़ी, ट्विटर इंडिया एमडी को गाज़ियाबाद पुलिस का नोटिस

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में मुस्लिम बुजुर्ग से मारपीट और मामले में ट्विटर की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। अब गाजियाबाद पुलिस ने ट्विटर के जिम्मेदार अधिकारियों से पूछताछ शुरू कर दी है।

गाज़ियाबाद पुलिस ने ट्विटर इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर मनीष माहेश्वरी को लीगल नोटिस भेजा है जिसमें उन्हें 7 दिन के अंदर लोनी बॉर्डर पुलिस स्टेशन आकर बयान दर्ज कराने को कहा है।

क्या था पूरा मामला?

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में दिख रहा
है कि एक मुस्लिम बुजुर्ग को पीटा गया और उसकी दाढ़ी
काट दी गई। पुलिस के मुताबिक, मामले की सच्चाई कुछ और ही है। पीड़ित बुजुर्ग ने आरोपी को कुछ ताबीज दिए थे, जिनके परिणाम न मिलने पर नाराज आरोपी ने इस घटना को अंजाम दिया, लेकिन ट्विटर ने इस वीडियो को मैनिपुलेटेड मीडिया का टैग नहीं दिया।

उसी विवाद को लेकर उत्तर प्रदेश की गाजियाबाद पुलिस ने लोनी इलाके में अब्दुल समद नाम के एक बुजुर्ग के साथ मारपीट और अभद्रता किए जाने का वीडियो वायरल होने के बाद ट्विटर समेत 9 पर FIR दर्ज की थी। पुलिस के मुताबिक इन सभी पर घटना को गलत तरीके से सांप्रदायिक रंग देने की वजह से यह एक्शन लिया गया।

पत्रकार और लेखक समेत कइयों पर एफआईआर

गाज़ियाबाद पुलिस ने इस मामले में पत्रकार राना अय्यूब और नकवी समेत कई लेखकों और नेताओ पर एफआईआर दर्ज की गई है। जिसमें फैक्ट चेकिंग वेबसाइट आल्ट न्यूज़ के ज़ुबैर, कांग्रेस नेता डॉ. शमा मोहम्मद और निजामी और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष उस्मानी शामिल हैं।

ट्विटर के खिलाफ हुआ था मुकदमा दर्ज

ट्विटर के ख़िलाफ़ भी ग़ाज़ियाबाद पुलिस ने मुक़दमा दर्ज किया है और यह केंद्र सरकार के नए नियम के बाद ट्विटर के ख़िलाफ़ पहला मुक़दमा भी है।

बता दें कि पाँच जून को ही केंद्र सरकार ने माइक्रोब्लॉगिंग प्लेफॉर्म ट्विटर को इन नए नियमों के बारे में बताया था और उसे लागू करने के लिए भी कहा था।

Twitter

इन नियमों को एक हफ़्ते में ही लागू करना था लेकिन आश्वासन के बाद यह समय सीमा समाप्त हो गई है। ‘द हिन्दू’ के मताबिक़ ‘ट्विटर इन्टरमीडियरी का दर्जा खो सकता है। अब ट्विटर किसी भी कॉन्टेंट के लिए ख़ुद ही ज़िम्मेदार होगा।’

Translate »