November 27, 2021

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भुखमरी से जूझते अफ़ग़ानिस्तान की मदद के लिए संयुक्त राष्ट्र के सामने गहरा रहा है संकट

अफ़ग़ानिस्तान में भुखमरी के संकट के बीच संयुक्त राष्ट्र(UN) ने कहा है कि वो अफ़ग़ानी लोगों की मदद के लिए पर्याप्त नकदी इकट्ठा नहीं कर पा रहा है और ढहती अर्थव्यवस्था को स्थिर करने में मदद करने के लिए विकल्प तैयार करने में भी वो संघर्ष कर रहा है।

 

Reuters

 

समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने एक यूएन अधिकारी के हवाले से लिखा है कि अंततः इस मामले में राजनीतिक समाधान की ही ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि फ़िलहाल प्रतिबंधों से राहत और सरकारों और संस्थानों के लिए विदेशों में रखी अरबों डॉलर की अफ़ग़ान संपत्ति को मुक्त कर ऐसा किया जा सकता है।

इस बीच संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियां ​​उस संकट से निपटने के लिए अफ़ग़ानिस्तान में बड़ी मात्रा में अमेरिकी डॉलर जुटाने के तरीके खोजने के लिए हाथ-पांव मार रही हैं, अगस्त में तालिबान के क़ब्ज़े के बाद से लगातार गहराता जा रहा है।

संयुक्त राष्ट्र के अधिकारी ने सुझाए जा रहे कुछ विकल्पों को भी साझा किया। अधिकारी ने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान में अमेरिकी डॉलर की डिलीवरी बंद हो गई है क्योंकि इस्लामिक आतंकवादियों ने सत्ता पर क़ब्ज़ा कर लिया है और अगर देश या अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थाएं (international financial institutions) क़दम नहीं उठाती हैं तो संयुक्त राष्ट्र को इस अंतर को भरना पड़ सकता है।

 

कोई एक विकल्प काम नहीं आएगा!

रॉयटर्स ने अधिकारी के हवाले से बताया कि एक सुझाव ये भी दिया गया कि अफ़ग़ानिस्तान इंटरनेशनल बैंक का उपयोग कर रहा है, जो पैसे ला सकता है और स्टोर कर सकता है, लेकिन उसमें बीमा के साथ कुछ समस्याएं हैं।

अधिकारी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र इस बात से भी अवगत है कि कोई एक विकल्प काम नहीं करेगा और अफ़ग़ानिस्तान में पर्याप्त नकदी लाने के लिए कई रास्तों की ज़रूरत है।

बता दें कि संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष से अफ़ग़ानिस्तान में धन प्राप्त करने के लिए छूट या तंत्र पर सहमत होने का आह्वान किया है।

 

United nations flag/Reuters

 

 

आईएमएफ़ (International Monetary Fund) ने तालिबान को नए आपातकालीन भंडार में करीब 440 मिलियन डॉलर तक पहुंचने से रोक दिया है। अफ़ग़ान केंद्रीय बैंक की 10 अरब डॉलर की विदेशी संपत्ति में से अधिकांश को भी फ्रीज़ कर दिया गया है, इसमें से ज़्यादातर संयुक्त राज्य अमेरिका में है। इस मामले में बढ़ते संकट के बीच अमेरिकी ट्रेजरी ने कहा है कि उनकी पैसा जारी करने की कोई योजना नहीं है।

गुटेरेस ने बुधवार को कहा, “हमें अर्थव्यवस्था को फिर से ज़िंदा करने और लोगों को जीवित रहने में मदद करने के लिए मिलकर काम करने की ज़रूरत है।”

उन्होंने आगे कहा, “अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों या सिद्धांतों से समझौता किए बिना अफ़ग़ान अर्थव्यवस्था में तरलता को इंजेक्ट किया जा सकता है।”

 

कितने बुरे हैं हालात?

ग़ौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र बार-बार चेतावनी देता आ रहा है कि अफ़ग़ानिस्तान की अर्थव्यवस्था ढहने के कगार पर है और इससे शरणार्थी संकट और बढ़ सकता है।

अफ़ग़ानिस्तान में नकदी लाने के संयुक्त राष्ट्र के प्रयासों के बारे में पूछे जाने पर, अफ़ग़ानिस्तान में विश्व खाद्य कार्यक्रम की प्रमुख मैरी-एलेन मैकग्रोर्टी ने मंगलवार को संवाददाताओं से कहा, “संयुक्त राष्ट्र सामूहिक रूप से ये देख रहा है कि हमारे पास कौन से संभावित समाधान हो सकते हैं, लेकिन पैसे वहाँ भेजने जैसी कोई योजना अभी तक हमने नहीं बनाई है।”

उन्होंने कहा, “हम इस समय जिसका इस्तेमाल कर रहे हैं वो एक सीमित लिक्विडिटी है जो देश में है।”
“लेकिन ये जितना लंबा चलता जा रहा है… हम पा रहे हैं कि यह और ज़्यादा कठिन होता जा रहा है।”

मैकग्रार्टी ने आगे कहा, लगभग 8.7 मिलियन लोग “भुखमरी से एक क़दम की दूरी पर हैं” “विनाश की सुनामी, अविश्वसनीय पीड़ा और भूख नियंत्रण से बाहर हो रही है।”

तालिबान इस समय एक समावेशी और प्रतिनिधि अफ़ग़ान सरकार के लिए बढ़ते अंतरराष्ट्रीय दबाव का सामना कर रहा है। उनसे बड़े पैमाने पर ये मांग की जा रही है कि वे मानवाधिकारों को बनाए रखें, ख़ासकर महिलाओं और लड़कियों के मानवाधिकारों को अंतरराष्ट्रीय मान्यता और सहायता के मुताबिक़ सुनिश्चित करें जिसे अबतक वो एक तरह से नज़रंदाज़ ही करता आया है।

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