October 26, 2021

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इस्लामिक विद्वान मौलाना कलीम सिद्दीक़ी को उत्तरप्रदेश पुलिस ने किया गिरफ़्तार,धर्मांतरण का है आरोप

उत्तर प्रदेश पुलिस के आतंकवाद विरोधी दस्ते (एटीएस) ने धर्म परिवर्तन के आरोप में मौलाना कलीम सिद्दीकी को मंगलवार देर रात गिरफ़्तार कर लिया है। ग़ौरतलब है कि सिद्दीकी पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े मौलवियों में से एक हैं।

 

Maulana Kaleem Siddique/Twitter

 

बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, उत्तर प्रदेश के एडीजी प्रशांत कुमार ने कहा कि मौलवी का बड़े पैमाने पर ग़ैरकानूनी धर्मांतरण रैकेट से सीधा संबंध था।

कुमार ने कहा, “मौलाना कलीम का बड़े पैमाने पर ग़ैरकानूनी धर्मांतरण रैकेट से सीधा संबंध था, जिसका इस साल की शुरुआत में एटीएस ने भंडाफोड़ किया था। कलीम ने न केवल फंडिंग की और धर्मांतरण गतिविधियों की निगरानी की, बल्कि अपने ट्रस्ट का इस्तेमाल ग़ैरकानूनी धर्मांतरण में शामिल मदरसों को फंड करने के लिए भी किया।”

उन्होंने कहा कि सिद्दीकी के ट्रस्ट को भारी मात्रा में विदेशी धन मिला है। कुमार ने कहा, “जांच से पता चलता है कि मौलाना कलीम सिद्दीकी के ट्रस्ट को बहरीन से 1.5 करोड़ सहित विदेशी फंडिंग में 3 करोड़ मिले,” कुमार ने कहा कि मामले की जांच के लिए एटीएस की छह टीमों का गठन किया गया है।

एटीएस ने एक बयान में कहा कि सिद्दीकी जामिया इमाम वलीउल्लाह ट्रस्ट चलाता है जो कई मदरसों को फंड देता है और जिसके अनुसार उन्हें भारी विदेशी धन मिला है।

बता दें कि मौलाना को मंगलवार की रात मेरठ में एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद मुजफ्फरनगर के गांव फूलत में अपने घर लौटते समय हिरासत में ले लिया गया।

मौलाना के ठिकाने को जानने के लिए ग़ुस्साए स्थानीय लोगों ने तुरंत लिसारी गेट थाने के बाहर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। दिल्ली वक्फ़ बोर्ड के अध्यक्ष और आम आदमी पार्टी (आप) के अमानतुल्लाह खान ने इस गिरफ़्तारी को ‘मुसलमानों पर अत्याचार’ क़रार दिया है।

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