June 18, 2021

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Uttar Pradesh : 15 प्रोफेसर्स में 11 विशेष समुदाय के, बीजेपी ने ही उठाये सवाल

उत्तर प्रदेश के बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ने 20 प्रवक्ताओं की भर्तियां की गई थी जिनमें 15 में से 11 पर सामान्य वर्ग के ठाकुर समुदाय लोगों का चयन किया गया है।

बता दें उत्तर प्रदेश में अखिलेश सरकार के दौरान बीजेपी सरकारी नियुक्तियों सपा पर जातिवाद का आरोप लगाती रही लेकिन अब उसी जातिवाद के आरोप में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार पर भी सवाल किए जा रहे हैं।

क्या था पूरा मामला?

कर्मचारी प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर पद को लेकर 1 जून को उत्तर प्रदेश के बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के 20 प्रवक्ताओं की भर्तियां का रिजल्ट जारी किया गया जिसमें 18 सामान्य वर्ग और दो ईडब्लूएस कोटे की थीं। अभी विश्वविद्याय प्रशासन ने 15 पदों पर भर्तियां की हैं, जिनमें से 11 पदों पर सामान्य वर्ग की ठाकुर समुदाय लोगों का चयन किया गया है. इसके अलावा बाकी चार पदों में से एक ओबीसी, एक अनुसूचित जाति, एक भूमिहार और एक मराठी समुदाय से शामिल हैं जिसको लेकर विवाद खड़ा हो गया।

पार्टी के विधायक ने पीएम से की शिकायत

बीजेपी विधायक बृजेश प्रजापति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर मामले की शिकायत की है उन्होंने विधायक ने पत्र में कहा कि बांदा कृषि विश्वविद्यालय में जो प्रवक्ता के पद पर हुई भर्ती की गई है, उसमें आरक्षण रोस्टर का नियमों का अनुपालन नहीं किया गया है।

विपक्ष ने उठाये सवाल

पूर्व सांसद और कांग्रेस नेता उदित राज ने नियुक्ति को लेकर निशाने पर लिया उन्होंने ट्वीट कर कहा “बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ने 15 प्रोफ़ेसर की भर्ती 1 जून को घोषित किया।जिनमें 11 ठाकुर जाति के हैं, जबकि 1ओबीसी, 1 एससी 1 भूमिहार &1 मराठी शामिल है। हज़ारों साल से जाति ही मेरिट रही है और अभी चालू है।”

कृषि मंत्री ने दिए जाँच के आदेश

विवाद को देखते हुए कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने पूरे मामले में जांच के आदेश दे दिए लेकिन अभी तक इस विवाद को लेकर कृषि विश्वविद्यालय के निदेशक प्रशासन डॉ वीके सिंह की कोई प्रतिक्रिया नहीं आयी है।

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