October 24, 2021

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लखीमपुर हिंसा में किसानों के समर्थन वाले ट्वीट्स के बाद, वरुण गांधी और मेनका गांधी को बीजेपी कार्यकारी सूची से हटाया गया

बीजेपी सांसद द्वारा यूपी के लखीमपुर खीरी की घटनाओं की निंदा करते हुए ट्वीट्स की झड़ी के बीच आज पोस्ट की गई 80 सदस्यीय भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की नई सूची से वरुण गांधी और उनकी मां मेनका गांधी के नाम हटा दिए गए हैं।

 

Varun Gandhi/Twitter

 

पार्टी ने इस तरह के बदलाव को नियमित अभ्यासों का हिस्सा माना। हालांकि वरुण गांधी एकमात्र भाजपा नेता थे जिन्होंने इस मुद्दे को उठाया, जिसमें भाजपा के एक केंद्रीय मंत्री के बेटे पर हत्या का आरोप लगाया गया है। ग़ौरतलब है कि बीजेपी के गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा से न पूछताछ की गई है और न ही गिरफ़्तार किया गया है।

समाचार एजेंसी एएनआई ने उत्तर प्रदेश के एक वरिष्ठ भाजपा नेता के हवाले से कहा, “यूपी के अन्य वरिष्ठ नेता हैं जो उनके स्थान पर परिषद का हिस्सा बने हैं। कम से कम दस हैं। उन्होंने अपनी उपयोगिता या प्रासंगिकता खो दी होगी। हमने विभिन्न अवसरों पर उनके बयान देखे हैं। आखिर यह है पार्टी का फ़ैसला है।”

 

 

अन्य नेताओं ने स्पष्ट रूप से स्वीकार किया कि पीलीभीत के सांसद का रुख शीर्ष नेतृत्व के साथ अच्छा नहीं रहा। एएनआई ने कहा, “उन्होंने इस तरह पेश किया जैसे पूरी ग़लती नेताओं के दरवाज़े पर है। हम जांच रिपोर्ट का इंतज़ार कर रहे हैं और मानते हैं कि घटना दुर्भाग्यपूर्ण थी। उन्हें ऐसे समय में धैर्य रखना चाहिए था जब पूरा विपक्ष पार्टी को निशाना बना रहा हो।”

वरुण गांधी भाजपा के वरिष्ठ नेता कह रहे हैं। केंद्र के नए कृषि कानूनों के ख़िलाफ़ चल रहे आंदोलन के दौरान वरुण गांधी लगातार किसानों के समर्थन में बोलते रहे हैं। उनकी मां मेनका गांधी को भी किसानों के प्रति सहानुभूति रही है।

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