September 28, 2021

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‘हम चट्टान की तरह उनके साथ खड़े हैं, उन्हें इस तरह के प्रदर्शन से बचना चाहिए’, किसान आंदोलन पर बोले कैप्टन अमरिंदर सिंह

पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने सोमवार को किसान संघों के प्रतिनिधियों से अपील की कि वे राज्य में पारित तीन केंद्रीय कृषि कानूनों के ख़िलाफ़ राज्य भर में विरोध प्रदर्शन न करें क्योंकि राज्य और उसके लोग पहले ही इस मुद्दे पर उनके साथ एकजुटता व्यक्त कर चुके हैं।

 

कैप्टेन अमरिंदर सिंह

 

चब्बेवाल विधानसभा क्षेत्र के मुखलियाना गांव में 13.44 करोड़ रुपये की लागत से सरकारी कॉलेज की आधारशिला रखने के बाद अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा पारित इन “काले” कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ राज्य भर में विरोध प्रदर्शन करने से उस राज्य की जनता को बचना चाहिए जिसका राज्य उसके जायज़ मुद्दों के पक्ष में उनके साथ चट्टान की तरह खड़ा हो।

अमरिंदर सिंह ने कहा कि किसानों द्वारा पंजाब में 113 स्थानों पर चल रहे ये विरोध राज्य के हित में बिल्कुल भी नहीं हैं, जिसने उसके आर्थिक विकास को काफ़ी नुकसान पहुँच रहा है और उम्मीद है कि आंदोलनरत किसानों द्वारा उनके अनुरोध को स्वीकार किया जाएगा।

हालांकि, उन्होंने कहा कि चूंकि इन क़ानूनों को पहले ही राज्य विधानसभा द्वारा खारिज कर दिया गया है और राज्य के अपने कृषि क़ानूनों द्वारा प्रतिस्थापित किया गया है लेकिन “हमारी निराशा अभी तक राष्ट्रपति को पहुँचाई नहीं गई है।”

केंद्र की ‘उदासीनता’ के कारण किसानों की जायज़ मांगों को पूरा करने में अत्यधिक देरी पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में विरोध प्रदर्शन करने के बजाय, उन्हें इन किसान विरोधी क़ानूनों को रद्द करने के लिए केंद्र सरकार पर दबाव बनाना चाहिए।

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