देश-विदेश: यूक्रेन की फर्स्ट लेडी ओलेना जेलेंस्का ने ओपन लैटर में रूस पर क्या आरोप लगाए?

by Disha
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यूक्रेन की फर्स्ट लेडी ओलेना जेलेंस्का ने दुनियाभर की मीडिया के नाम एक लैटर लिख कर रूस की अराजकता से रूबरू कराया है.ओलेना जेलेंस्का “आई टेस्टिफाई” टाइटल के नाम से इंस्टाग्राम पर लगातार पोस्ट लिख रही हैं. अपने पोस्ट की शुरुआत में ओलेना जेलेंस्का लिखती हैं,’पूरी दुनिया के मीडिया वाले मेरे पास इंटरव्यू देने की दरख्वास्त कर रहे हैं. ये खत उन सभी के लिए जवाब है जो मुझसे यूक्रेन को लेकर गवाही चाहते हैं. ये है मेरी गवाही.’

 

Olena Volodymyrivna Zelenska

ओलेना जेलेंस्का ने रूस पर बच्चों पर हो रहे अपराध की निन्दा की, साथ ही इसे “सामूहिक हत्या” की संज्ञा दी.ओलेना जेलेंस्का ने इस खत के माध्यम से बच्चो पर हो रहे अपराध और उनकी हत्याओं पर एक केस स्टडी के माध्यम से यूक्रेन की वर्तमान स्थिति से दुनिया को अवगत कराया है. गौरतलब है आज रूस-यूक्रेन के बीच संघर्ष का चौदहवां दिन है.

‘रूस को इन बच्चों के चेहरे दिखाएं, जिन्हें बड़े होने का मौका नहीं दिया गया’

ओलेना जेलेंस्का ने ग्लोबल मीडिया के नाम लिखे खुले खत में कई जगह भावुक कर देनी वाली बाते भी बताई.
खत में लिखे कंटेंट के हिन्दी अनुवाद अनुसार
24 फरवरी की सुबह हमलोगों के लिए बुरी खबर लेकर आई जब हम इस खबर के साथ उठे की रूसी सेना ने हमारे ऊपर हमला कर दिया है. टैंक्स यूक्रेनियन बॉर्डर को पार कर गए हैं. प्लेन एयरस्पेस में आ गए हैं और हमारे सारे शहरों को मिसाइल लांचर से घेर लिया गया है.

जब रूसी लोग कहें कि उनकी सेना यूक्रेनी नागरिकों को नुकसान नहीं पहुंचा रही है है तो उन्हें ये तस्वीरें दिखाएं. उन्हें इन बच्चों के नाम और चेहरे दिखाएं. जिन्हें बड़े होने का मौका नहीं दिया गया.रूस का भयानक चेहरा आप दुनिया को दिखाइए और बताइए कि रूसी सैनिका यूक्रेनी बच्चों को मार रहे हैं.
रूसी सैनिकों की गोलीबारी रोकने और ह्यूमन कॉरिडोर बना लोगों को युद्ध क्षेत्र से बाहर करने के लिए कितने लोगों को मरना होगा. फर्स्ट लेडी यूक्रेन में फंसे लोगों को निकालने के लिए एक सेफ कॉरिडोर की मांग करती हैं.साथ ही कहती हैं शेल्टर हाउसेस में भूख और दवाई की उम्मीद में रह रहे बच्चे अब मौत की दहलीज पर खड़े हैं.

 

‘यूक्रेन हार नहीं मानने वाला है’

फर्स्ट लेडी जेलेंस्का एक बच्चे की मौत की दास्तां बयां करते हुए लिखती हैं कि ओखतायरा की रहने वाली आठ साल की एलिस सड़क पर मर गई और उनके दादा ने उन्हें बचाने की भी कोशिश की.इसके अलावा चौदह साल की आर्सेनी मलबे का शिकार बन गई और उसे बचाया नहीं जा सका. जिस समय वहां हमला हुआ सड़को पर गोलीबारी भी हो रही थी और एंबुलेंस नहीं पहुंच सकी.
आगे पत्र में जेलेंस्का कहती हैं कि जब जब रूस कहेगा कि वे यूक्रेन में युद्ध नहीं छेड रहा है वे इन बच्चों का नाम लेकर उसे जवाब देती रहेंगी. उन्होंने आगे कहा, यूक्रेन हार नहीं मानने वाला है और रूस को जवाब देगा.

लेखक: गौरव मिश्र

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