May 14, 2021

MotherlandPost

Truth Always Wins!

चीन की वैक्सीन लगवाने के लिए नेपाल क्यों जा रहे हैं भारतीय?

इस हफ़्ते दिन बुधवार को नेपाल की राजधानी काठमांडू में टेकु अस्पताल के भीतर चीनी वैक्सीन लगवाने वाले लोगों की असाधारण भीड़ दिखाई दी। कर्मचारी अचरज में तब पड़े जब उन्होंने देखा कि इन लोगों के पास बड़े-बड़े बैग और सामान हैं।

जब इन सभी से उनकी पहचान माँगी गई तो उन्होंने हिंदुस्तानी पासपोर्ट दिखाया।
हॉस्पिटल निदेशक सागर राज भंडारी ने बीबीसी नेपाली को बताया, “इन लोगों से हमें पता चला कि कोविड वैक्सीन का इस तरह से भी इस्तेमाल हो रहा है। यह एक तरह से वैक्सीन का गलत इस्तेमाल करने जैसा मामला था। हमने इन लोगों को कहा कि आपको वैक्सीन नहीं दे सकते तो वे झगड़ा करने पर उतारू हो गए। कई लोगों ने अलग-अलग तरीकों से हम पर दबाव डाला।”

भारतीय क्यों लगवाना चाहते हैं चीनी वैक्सीन?

नेपाल के चीनी दूतावास की वेबसाइट पर इस सवाल का जवाब मिलता है। इस वेबसाइट पर कुछ प्रावधानों का ज़िक्र किया गया है जिसके मुताबिक़ चीन अपने देश का वीज़ा उन्हीं लोगों को दे रहा है जिसने उनकी वैक्सीन लगवाई है।
नेपाली अधिकारियों को शक़ है कि चीन की कंपनियों के साथ कारोबार करने वाले भारतीय कारोबारी वीज़ा हासिल करने के लिए नेपाल में आकर चीन में निर्मित वैक्सीन लगवाना चाहते हैं।
हालाँकि भारत में कोविशील्ड और कोवैक्सीन का निर्माण हो रहा है। इसके साथ ही रूस की स्पुतनिक वैक्सीन को भारत में आपात्कालीन इस्तेमाल की मंज़ूरी भी मिल गई है। इसके बावजूद भारत में सभी को वैक्सीन उपलब्ध नहीं है।
काठमांडू के त्रिभुवन इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रवक्ता देव चंद्रा लाल कर्ण ने समाचार एजेंसी बीबीसी को बताया कि हाल के दिनों में बड़ी संख्या में भारतीय काठमांडू पहुंच रहे हैं।
Credit- Nepalforeignaffairs
उन्होंने बताया, “भारतीयों के लिए नेपाल से किसी दूसरे देश जाने का प्रावधान है, इसके लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र हासिल करना होता है। कई भारतीय यात्रियों के पास अब ऐसे प्रमाण पत्र हैं।”
काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास से पिछले कुछ दिनों में अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने की संख्या में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है।

नेपाल ने बरती सख़्ती

नेपाल में 31 मार्च से 19 अप्रैल के बीच 40 से 59 साल की उम्र के लोगों को वैक्सीन दी जा रही है। इसके अलावा कारोबार, पारिवारिक वजहों से या फिर इलाज के लिए चीन जाने वाले लोगों को भी वैक्सीन दी जा रही है।
चीनी विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले नेपाली छात्रों को भी यह वैक्सीन लगाई जा रही है।
Credit- Getty Images
नेपाल सरकार के स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त प्रवक्ता डॉ. समीर कुमार अधिकारी ने बताया, “पहले हमने लोगों को पहचान पत्र दिखाने के लिए कहा था। अब ज़िला स्वास्थ्य अधिकारियों को लिखित रूप में कहा जा रहा है कि पहचान पत्र की जांच को अनिवार्य कर दिया जाए।”
बता दें कि नेपाल में रह रहे छोटे-मोटे व्यापार करने वाले भारतीय नागरिकों को वैक्सीन दी जाएगी।
Translate »