देश-विदेश: क्वाड सम्मेलन के बाद अमेरिका ने भारत को “इंजन” क्यों कहा?

by Disha
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व्हाइट हाउस ने कहा है कि भारत क्वाड को आगे बढ़ाने वाली प्रेरक शक्ति और क्षेत्रीय विकास के लिए एक इंजन है।

 

Reuters

 

यह बात उसने मेलबर्न में क्वाड समूह के सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद यह बात कही है। भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया क्वाड के सदस्य देश हैं।

व्हाइट हाउस की प्रधान उप प्रेस सचिव कैरीन जीन पियरे ने यहां संवाददाताओं से कहा, “हम इस बात को मानते हैं कि भारत समान सोच रखने वाला साझेदार, दक्षिण एशिया एवं हिंद महासागर में अग्रणी, दक्षिण पूर्व एशिया में सक्रिय एवं उससे जुड़ा हुआ, क्वाड को आगे बढ़ाने वाली शक्ति और क्षेत्रीय विकास का एक इंजन है।”

बता दें कि मेलबर्न शिखर सम्मेलन के दौरान इन देशों के विदेश मंत्रियों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की अस्थिर भूमिका और यूक्रेन में रूसी आक्रमण पर चर्चा की थी। अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर चर्चा का हिस्सा थे।

उन्होंने मेलबर्न बैठक के बारे में कहा, “यह यूक्रेन के लिए रूस के चल रहे खतरे पर चर्चा करने का एक अवसर था। उन्होंने उस खतरे पर चर्चा की जो रूस की आक्रामकता न केवल यूक्रेन के लिए बल्कि पूरे अंतरराष्ट्रीय नियम-आधारित आदेश के लिए है, जिसने इस क्षेत्र के लिए दशकों की साझा सुरक्षा और समृद्धि की नींव प्रदान की है।”

“क्वाड भागीदारों के साथ अपनी बैठकों के दौरान, सचिव ब्लिंकन ने अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था और हमारे यूरोपीय सहयोगियों का समर्थन करने के लिए हमारी तत्परता के आधार पर रूस के सामने आने वाली चुनौतियों पर चर्चा की,” उसने कहा।

पियरे ने कहा कि अमेरिका एक ऐसी रणनीतिक साझेदारी बनाना जारी रखेगा, जिसमें अमेरिका और भारत दक्षिण एशिया में स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम करें, स्वास्थ्य, अंतरिक्ष, साइबर सुरक्षा जैसे नए क्षेत्रों में सहयोग करें और आर्थिक एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग को गहरा करें व हिंद प्रशांत को मुक्त एवं स्वतंत्र बनाने में योगदान दें।

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