November 27, 2021

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क्रूज़ ड्रग केस में गवाह का बड़ा दावा, बताया NCB ने आर्यन खान को छोड़ने के लिए की 25 करोड़ रुपये की माँग

मुंबई क्रूज़ ड्रग्स ज़ब्ती मामले में एक ‘स्वतंत्र गवाह’ ने रविवार को एक बड़ा दावा किया कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के एक अधिकारी और फ़रार गवाह केपी गोसावी सहित अन्य व्यक्तियों द्वारा आर्यन खान को छोड़ने के लिए 25 करोड़ रुपये की मांग की गई थी।

 

 

इस मामले में अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को गिरफ्तार किया गया है। आर्यन (23) को एनसीबी ने 3 अक्टूबर को मुंबई तट पर एक क्रूज़ जहाज पर छापेमारी के बाद गिरफ्तार किया था। विशेष अदालत द्वारा उनकी ज़मानत अर्ज़ी खारिज किए जाने के बाद अब मुंबई के हाइकोर्ट में ज़मानत याचिका दायर की गई है जिसपर 26 अक्टूबर को सुनवाई होगी।

 

क्या है पूरा मामला?

1. ‘स्वतंत्र गवाह’ प्रभाकर सेल ने मीडियाकर्मियों को बताया कि उन्होंने गोसावी को सैम डिसूजा को फ़ोन पर यह कहते सुना था कि आर्यन खान को 3 अक्टूबर की छापेमारी के बाद एनसीबी कार्यालय में लाया गया था और 24 करोड़ की माँग की गई जिसके बाद एनसीबी के ज़ोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े को आठ करोड़ रुपये देने के लिए 18 करोड़ रुपये पर समझौता करने की बात हुई।

2. सेल ने यह भी दावा किया कि एनसीबी के अधिकारियों ने उसे नौ से दस कोरे कागज़ों पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा था। हालांकि, एनसीबी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आरोपों से इनकार करते हुए उन्हें “पूरी तरह से झूठा और दुर्भावनापूर्ण” करार दिया है।

3. इस बीच वानखेड़े ने रविवार को मुंबई के पुलिस कमिश्नर हेमंत नागराले को पत्र लिखकर सुरक्षा की मांग करते हुए कहा कि कुछ अज्ञात व्यक्तियों द्वारा उनके ख़िलाफ़ संभावित क़ानूनी कार्रवाई “योजनाबद्ध” की जा रही है और उन्हें फँसाने की कोशिश हो रही है। 2008 बैच के आईआरएस अधिकारी वानखेड़े ने नाम लिए बिना अपने पत्र में दावा किया कि उनके ख़िलाफ़ अत्यधिक सम्मानित सार्वजनिक पदाधिकारियों द्वारा सार्वजनिक मीडिया पर जेल और बर्खास्तगी की धमकी जारी की गई है।

4. सेल 2018 की नौकरी धोखाधड़ी के मामले में फ़रार गोसावी के निजी अंगरक्षक हैं। छापेमारी की रात गोसावी के साथ आए सेल ने कहा कि आर्यन खान को एनसीबी कार्यालय में लाए जाने के बाद गोसावी की मुलाक़ात डिसूजा से हुई।

5. सेल ने दावा किया कि उसने गोसावी को फ़ोन पर डिसूजा को 25 करोड़ रुपये की मांग के बारे में बताते हुए सुना और 18 करोड़ रुपये पर समझौता किया क्योंकि उन्हें “समीर वानखेड़े को 8 करोड़ रुपये देने होंगे”।

6. एनसीबी ने यह कहते हुए कि वानखेड़े ने आरोपों का स्पष्ट रूप से खंडन किया है, कि चूंकि मामला विचाराधीन है, इसलिए अगर सेल कुछ कहना था तो उन्हें अपनी प्रार्थना अदालत में पेश करनी चाहिए थी। मुंबल एनसीबी के उप महानिदेशक (डीडीजी) मुथा अशोक जैन ने एक बयान जारी कर कहा कि उन्हें सोशल मीडिया के ज़रिए पता चला कि सेल मामले में गवाह है।

7. एनसीबी ने बयान में कहा, “चूंकि वे (सेल) मामले में एक गवाह हैं और मामला माननीय अदालत के समक्ष है और विचाराधीन है, अगर उन्हें कुछ कहना है तो उन्हें सोशल मीडिया के बजाय अदालत में अपनी प्रार्थना पेश करने की ज़रूरत है।”

8. नोटरीकृत हलफ़नामा तैयार करने वाले और अदालत में जमा होने का दावा करने वाले सेल ने यह भी कहा कि गोसावी को दो व्यक्तियों द्वारा 50 लाख रुपये दिए गए थे, और बाद में उन्होंने 38 लाख रुपये वापस कर दिए। सेल ने कहा कि वह 2 अक्टूबर की सुबह एनसीबी कार्यालय पहुंचे और देखा कि गोसावी एक एनसीबी अधिकारी के साथ उतर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि एनसीबी के जोनल निदेशक समीर वानखेड़े भी कार्यालय से बाहर आ गए। बाद में उस दोपहर गोसावी ने सेल के मोबाइल फ़ोन पर 10-12 तस्वीरें भेजीं और उसे पहचानने के लिए कहा कि क्या इनमें से कोई व्यक्ति ग्रीन गेट के माध्यम से क्रूज़ जहाज़ पर चढ़ने के लिए आ रहा है। सेल ने कहा कि उन्होंने केवल मुनमुन धमेचा को पहचाना।

9. सेल ने यह भी दावा किया कि गोसावी ने उन्हें आखिरी बार 21 अक्टूबर को फ़ोन किया था और कहा था कि वह देश में नहीं है। उन्होंने कहा कि वे जल्द ही पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करेंगे।

10. रिश्वत सौदे के बारे में सेल के दावों के बाद महाराष्ट्र कांग्रेस इकाई के अध्यक्ष नाना पटोले ने रविवार को राज्य सरकार से उच्च स्तरीय जांच की मांग की। महाराष्ट्र के मंत्री और राकांपा प्रवक्ता नवाब मलिक, जिन्होंने बार-बार क्रूज़ ड्रग्स बस्ट मामले को “फ़र्जी” करार दिया है, ने कहा कि सेल के दावे “बहुत गंभीर हैं और हम एक विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा इसकी जांच की मांग करते हैं। इसके अलावा महाराष्ट्र राकांपा अध्यक्ष जयंत पाटिल ने भी कहा कि 25 करोड़ रुपये की कथित मांग एक गंभीर मुद्दा है।

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