September 26, 2021

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कल्याण सिंह के निधन पर योगी आदित्यनाथ ने 3 दिनों के राजकीय शोक की घोषणा की, कल रहेगा सार्वजनिक अवकाश

बीती देर रात को उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्यपाल कल्याण सिंह का निधन हो गया है। कल्याण सिंह के निधन पर योगी आदित्यनाथ सरकार ने 3 दिनों का राजकीय शोक की घोषणा कर दी है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऐलान करते हुए कहा है कि सोमवार को उत्तर प्रदेश के सभी सरकारी कार्यालय, स्कूल और कॉलेज बंदे रहेंगे। इसके अलावा भारतीय जनता पार्टी लखनऊ कार्यालय में कल्याण सिंह के निधन पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जाएगा। 23 अगस्त को सार्वजनिक अवकाश रहेगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि, ‘हम सब के लिए यह दुखद समाचार है। कल्याण सिंह जी हमारे बीच नही रहे। पिछले दो माह से वो अस्वस्थ थे। उपचार चल रहा था। आज करीब सवा 9 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। उन्होंने शासन में अपने कार्यकाल के दौरान जो निर्णय लिए वो आज भी मानक बने हैं। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के आंदोलन के लिए यदि सत्ता छोड़नी पड़ी तो उन्होंने तत्काल पद से इस्तीफा दिया। कल्याण सिंह जी का जाना ना सिर्फ समाज के लिए बल्कि भारतीय जनता पार्टी के लिए भी एक अपूरणीय क्षति है।’

कल्याण सिंह के अंतिम दर्शन के लिए उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के परिवार से लोग उनको श्रद्धांजलि देने पहुंचे हैं। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कल्याण सिंह के पार्थिव शरीर को भारतीय जनता पार्टी के झंडे में लिपटाया है। कल्याण सिंह की यह अंतिम इच्छा थी कि, उसके पार्थिव शरीर को झंडे में लिपटाया जाए।

कल्याण सिंह का जीवन

कल्याण सिंह का जन्म 6 जनवरी 1932 को उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में हुआ था। उनके पिता का नाम तेजपाल लोधी और माता का नाम सीता देवी था। कल्याण सिंह के 2 बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और कई बार अतरौली के विधानसभा सदश्य के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके थे। साथ ही साथ ये उत्तर प्रदेश में लोक सभा सांसद और राजस्थान तथा हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके थे। पहली बार कल्याण सिंह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री वर्ष 1991 में बने और दूसरी बार यह वर्ष 1997 में मुख्यमंत्री बने थे। ये प्रदेश के प्रमुख राजनैतिक चेहरों में एक इसलिए माने जाते हैं, क्योंकि इनके पहले मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान ही बाबरी मस्जिद की घटना घटी थी।

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