September 26, 2021

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नोएडा सुपरटेक मामले में जांच के लिए योगी आदित्यनाथ ने किया टीम का गठन, नोएडा प्राधिकरण का एक अधिकारी सस्पेंड

नोएडा के सुपरटेक मामले में उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने बड़ा फैसला किया है।

 

योगी आदित्यनाथ ने इलाहाबाद हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बिल्डर और प्राधिकरण की मिलीभगत को लेकर जांच के आदेश दिए है। योगी ने बिल्डर और प्राधिकरण की मिलीभगत को लेकर एक टीम का गठन किया है। यह टीम यह जांच करेगी कि, नोएडा में स्थित सुपरटेक बिल्डर के एमरॉल्ड कोर्ट प्रोजेक्ट में बिल्डर और प्राधिकरण के अधिकारियों की क्या मिलीभगत थी।

योगी आदित्यनाथ सुपरटेक मामले की जांच के लिए जिस टीम का गठन किया है। उस टीम का अध्यक्ष औद्योगिक विकास आयुक्त संजय मित्तल को बनाया है। इसके अलावा ग्राम विकास एवं पंचायती राज विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह, अपर पुलिस महानिदेशक मेरठ जोन के राजीव सब्बरवाल और मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक उत्तर प्रदेश अनूप कुमार श्रीवास्तव को इस टीम के सदस्य बनाया है। योगी आदित्यनाथ का आदेश है कि, एक सप्ताह के भीतर इस मामले में बिल्डर और प्राधिकरण के अधिकारियों के बीचमिलीभगत की पूरी जानकारी दें।

सुपरटेक मामले में नोएडा प्राधिकरण के प्लानिंग डिपार्टमेंट मैनेजर मुकेश गोयल पर गंभीर आरोप लगे है। मुकेश गोयल पर आरोप लगे कि, सुपरटेक एमरॉल्ड कोर्ट प्रोजेक्ट में बने ट्विन्स टावर के मामले में उनको पूरी जारी जानकारी थी। उनके बाद भी नोएडा प्राधिकरण ने बड़े अधिकारियों को मैनेजर मुकेश गोयल ने कोई जानकारी नहीं दी। जिसकी वजह से उनको सस्पेंड कर दिया गया है।

नोएडा प्राधिकरण की मुख्य कार्यपालक अधिकारी रितु माहेश्वरी का कहना है कि, नोएडा सुपरटेक एमरॉल्ड कोर्ट प्रोजेक्ट के मामले में अगर प्राधिकरण का कोई भी अधिकारी शामिल होता तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मैनेजर मुकेश गोयल का नाम सुपरटेक मामले में सामने आ रहा था, जिसके बाद उन्होंने तत्काल मैनेजर मुकेश गोयल को सस्पेंड कर दिया है।

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