May 13, 2021

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योगी आदित्यनाथ ने बताया- किसको दी जाएगी ऑक्सीजन, इंडिविजुअल व्यक्ति को ऑक्सीजन नहीं मिलेगी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को एक उच्च स्तरीय बैठक की है। जिसमें उन्होंने महत्वपूर्ण निर्णय लिए है। योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के बड़े अधिकारियों को आदेश दिए है कि, किस व्यक्ति को ऑक्सीजन दी जाए। योगी आदित्यनाथ का यह आदेश लागू हो गया है। उन्होंने प्रदेश के सभी अधिकारियों को आदेश पर सख्त से पालन करने के आदेश दिए है।

सीएम योगी ने कहा कि, वर्तमान परिस्थितियों में उत्तर प्रदेश में पूर्ण लॉकडाउन लगाने का कोई विचार नहीं है। हमें लोगों के जीवन और जीविका दोनों की ही चिंता है। परिस्थितियों का आकलन करते हुए सरकार सभी जरूरी कदम उठा रही है। लेकिन ‘कोरोना कर्फ्यू’ और ‘साप्ताहिक बंदी’ जैसे प्राविधानों को सख्ती से लागू किया जाए। मास्क, सैनिटाइजर और ‘दो गज दूरी’ जैसे कोविड बिहेवियर को पूरी ईमानदारी के साथ अमल में लाया जाए। लापरवाह लोगों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाए।

मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने आदेश दिया है कि, अति गंभीर परिस्थिति को छोड़कर किसी भी इंडिविजुअल व्यक्ति को ऑक्सीजन की आपूर्ति न की जाए। केवल संस्थागत आपूर्ति ही होगी। ऑक्सीजन की मांग और आपूर्ति में संतुलन बना रहे इस हेतु सभी अस्पतालों में मेडिकल ऑक्सीजन का ऑडिट कराया जाना चाहिए। ऑक्सीजन की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ त्वरित और कठोरतम कार्रवाई की जाए। रेमडेसिविर उत्पादनकर्ता कंपनियों से लगातार संपर्क में रहा जाए। गुरुवार को प्रदेश में 10,000 वॉयल और प्राप्त हो जाएंगे। प्रतिदिन 50,000 वॉयल रेमडेसिविर की आपूर्ति के हिसाब से डिमांड भेजी जाए।

उन्होंने कहा कि, लखनऊ और प्रयागराज में मरीजों की संख्या को देखते हुए अतिरिक्त प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। प्रयागराज में सभी चिकित्सकीय संस्थानों में बेड की संख्या बढ़ाने के ठोस प्रयास किए जाएं। नॉन कोविड हॉस्पिटल के सुचारु क्रियान्वयन पर भी ध्यान दिया जाए। लक्षणविहीन लोगों को न्यूनतम 01 सप्ताह और लक्षणयुक्त लोगों को 02 सप्ताह के लिए अनिवार्य रूप से क्वारंटीन किया जाए। इनकी व्यवस्थित मॉनिटरिंग हो। कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग को बढ़ाया जाना चाहिए।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि, दिल्ली, महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों से आ रहे प्रवासी कामगारों और श्रमिकों की टेस्टिंग करते हुए उन्हें आवश्यकतानुसार क्वारंटीन एवं चिकित्सा की समुचित व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। स्वच्छता, सैनिटाइजेशन और फाॅगिंग का कार्य युद्ध स्तर पर किया जाए। इसके लिए फायर विभाग के वाहनों का उपयोग किया जाए।  वर्तमान में प्रदेश में 77,000 से अधिक कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं। कंटेनमेंट जोन के प्राविधानों को सख्ती से लागू किया जाए।

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