December 2, 2021

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‘आपको आंदोलन करने का अधिकार हो सकता है, पर सड़कें जाम नहीं की जा सकतीं’ – सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि तीन कृषि कानूनों के ख़िलाफ़ दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे किसानों को आंदोलन करने का अधिकार है, लेकिन वे अनिश्चित काल के लिए सड़कों को बाधित नहीं कर सकते।

 

New Delhi India – October 28, 2017: People visit Supreme Court of India in New Delhi

 

न्यायमूर्ति एसके कौल की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि कानूनी चुनौती लंबित होने के बावजूद वे विरोध करने के अधिकार के ख़िलाफ़ नहीं हैं, लेकिन अंतत: कुछ समाधान खोजना होगा।

न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश की बेंच ने यह भी कहा कि, ‘किसानों को विरोध करने का अधिकार है लेकिन वे अनिश्चित काल तक सड़कों को ब्लॉक नहीं रख सकते। आपको किसी भी तरह से आंदोलन करने का अधिकार हो सकता है लेकिन सड़कों को इस तरह ब्लॉक नहीं किया जाना चाहिए। लोगों को सड़कों पर जाने का अधिकार है लेकिन इसे रोका नहीं जा सकता।’

शीर्ष अदालत ने मामले में बचाव पक्ष किसान संघों को इस मुद्दे पर तीन सप्ताह के भीतर जवाब देने को कहा और मामले की अगली सुनवाई के लिए 7 दिसंबर की तारीख तय की।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट नोएडा निवासी मोनिका अग्रवाल द्वारा दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें किसानों के विरोध के कारण सड़क जाम के कारण दैनिक आवागमन में देरी की शिकायत की गई थी।

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