December 2, 2021

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कानपुर में लगातार बढ़ रहे हैं ज़ीका वायरस के मामले, प्रसार को रोकने के लिए कई टीमों का गठन

स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार को कहा कि कानपुर में 17 बच्चों सहित कम से कम 89 लोगों में जीका वायरस की पुष्टि की गई है।

 

 

पहली बार 1947 में खोजा गया, मच्छर जनित वायरस 2015 में ब्राजील में तब महामारी के रूप में घोषित किया गया, जब हज़ारों बच्चे माइक्रोसेफली के साथ पैदा हुए, एक ऐसा डिसऑर्डर जिसके कारण बच्चे असामान्य रूप से छोटे सिर और अविकसित दिमाग के साथ पैदा होते हैं।

भारत के सबसे ज़्यादा आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश में कानपुर ज़िले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ नेपाल सिंह ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया, “जीका वायरस के मामलों में वृद्धि हुई है और स्वास्थ्य विभाग ने इसके प्रसार को रोकने के लिए कई टीमों का गठन किया है।”

उन्होंने बताया, “एक महिला है जो गर्भवती है और हम उस पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। हाल के वर्षों में देश के कई राज्यों में मामले सामने आए हैं, हालांकि अमित मोहन प्रसाद, उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण के लिए शीर्ष सरकारी नौकरशाह ने रॉयटर्स को बताया कि यह राज्य में ज़ीका का पहला प्रकोप है।”

पहला मामला 23 अक्टूबर को सामने आया था और पिछले एक सप्ताह में मामलों की संख्या में वृद्धि हुई है।

प्रसाद ने कहा, “लोग पॉजिटिव टेस्ट हो रहे हैं क्योंकि हम बहुत तेज़ी से कांटेक्ट ट्रेसिंग कर रहे हैं।”

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